प्रकाशित साहित्य

पान ६५/१०

 

मृत्यू माते! माझे तुला हे वंदन।

तुझे केले ध्यान आज वरी।।

मर्त्य जीविताची परमोच्च् परिणति।

असे मृत्यूस्थिति मोदपूर्णा।।

देहाच्या रंगणी खेळियेला खेळ।

प्राप्त् ही सुवेळ विश्रांतीची।।

प्रति श्वासासवें सांडियले दु:ख।

आतां उरें सुख चिरंतन।।

 

भूतकाल गेला, इथे टाकूनियां।

भविष्याची छाया, दिसे दूर।।

सख्या वर्तमाना, तुझ्या पंखावरी।

बसूं दे क्षणभरी, अभाग्याला।।

आमचा पत्ता

Dr. Samprasad and Dr. Mrs. Rujuta Vinod Shanti-Mandir, 2100, Sadashiv Peth, Vijayanagar Col. Behind S. P. college Pune - 411030 

दूरध्वनी क्रमांक

+91-20-24338120

+91-20-24330661

Dr. Samprasad Vinod - 09373686537

Dr. Mrs. Rujuta Vinod - 09371934520

Copyright 2019. Maharshi Nyaya-Ratna Vinod by Web Wide It

Search