प्रकाशित साहित्य

पान ६४/९

 

टाकतां पाऊल थबकते मन।

चालतें मनन थांबे पाय।।

असतां माय दूरी असंतोष नेत्रां।

तिला आलिंगिता मिटे नेत्र।।

सुखाचा अनुभव घेतां नुरे भान।

असतां ते, सौख्य न मिळणे मज।।

जन्म घेतां लागे मृत्यूचेंच ध्यान

शोभवी जीवन जन्ममृत्यू।

 

तोंवरी तो देव जोंवरी मीं मानव्य।

परि तो दुजा भाव, आता नुरे।।

देवाचे बुटकुले, मला खेळावया ।

सख्या तर्कराया, असू दे हे।।

मलासुध्दा त्याचे, मोल आहे ठावे।

व्यर्थ का फेकावे, तुवा त्यास।। 

आमचा पत्ता

Dr. Samprasad and Dr. Mrs. Rujuta Vinod Shanti-Mandir, 2100, Sadashiv Peth, Vijayanagar Col. Behind S. P. college Pune - 411030 

दूरध्वनी क्रमांक

+91-20-24338120

+91-20-24330661

Dr. Samprasad Vinod - 09373686537

Dr. Mrs. Rujuta Vinod - 09371934520

Copyright 2019. Maharshi Nyaya-Ratna Vinod by Web Wide It

Search