प्रकाशित साहित्य

पान ५७/२

 

फिरावयास सहज, विश्वदेवी आली।

क्षणैक टेकली, घरी माझ्या।।

सांज झाली म्हणूनी, इतुक्यांत गेली ती।

कुणी न सांगाती, तिच्या आहे।।

नि:संग, निर्नेत्र, निर्देह, निष्काम।

शून्य मी निरात्म, वसे येथे।।

 

चक्रनेमिक्रम, विराट विश्वाचा।

असा चालायाचा, निरंतर।

जन्ममृत्यूंच्या या, पावलांनी दोन।

कालाचें हे वन, फिरे आत्मा।।

 

आमचा पत्ता

Dr. Samprasad and Dr. Mrs. Rujuta Vinod Shanti-Mandir, 2100, Sadashiv Peth, Vijayanagar Col. Behind S. P. college Pune - 411030 

दूरध्वनी क्रमांक

+91-20-24338120

+91-20-24330661

Dr. Samprasad Vinod - 09373686537

Dr. Mrs. Rujuta Vinod - 09371934520

Copyright 2019. Maharshi Nyaya-Ratna Vinod by Web Wide It

Search