महर्षीं विषयी

निर्वाणानंतर गौरव:
लेख:
१) १५-०७-१९६९,
शीर्षक: सप्रेम सादर श्रध्दांजलि- विख्यात पंडित, तत्ववेत्ते व तंत्रशास्त्रज्ञ न्यायरत्न विनोद
लेखक: श्री. के. क्षीरसागर
वृत्तपत्र: दै. केसरी
२) १५-०७-१९६९
अग्रलेखाचे शीर्षक: महर्षी न्यायरत्न डॉ. विनोद यांचे निर्वाण
वृत्तपत्र: नवशक्ती
३) १५-०७-१९६९
अग्रलेखाचे शीर्षक: वेदविद्येचा मूलगामी चिकित्सक हरपला
वृत्तपत्र: दै. केसरी
४) १५-०७-१९६९
शीर्षक: देवाच्या चरणी वाहिलेले महर्षी अप्पासाहेब विनोद
५) १८-०७-१९६९
शीर्षक: न्यायरत्न विनोदजी
लेखक: न.वि.खांडके
वृत्तपत्र: नवभारत टाईम्स
६) १८-०७-१९६९
अग्रलेखाचे शीर्षक: न्यायरत्न विनोद यांचा मृत्यू
वृत्तपत्र: तरूण भारत (नागपूर)
७) २०-०७-१९६९
लेखाचे नाव: साधुत्वाचा आणि पांडित्याचा महान वारसा: न्यायरत्न विनोद
लेखक: श्री दा.का.थावरे
वृत्तपत्र: सोलापूर समाचार
८) २९-०७-१९६९
लेखाचे शीर्षक: अनेकांचा आधारवड: न्यायरत्न विनोद
लेखक: प्रा. प्र.रा.दामले
वृत्तपत्र: तरूण भारत
९)१२-०१-१९७०
शीर्षक: साधू ऐसा चाहिये ज्यॊ पैंडेकी खेय:महर्षी विनोदांचे संस्मरण
लेखिका: सुनंदा देवस्थळी
१०) १२-०१-१९७०
शीर्षक: अनेक क्षेत्रांत विवेकानंदांचा वारसा चालविलेले कै. न्यायरत्न धुंडिराजशास्त्री विनोद
लेखक: श्री. गोपीनाथ तळवलकर
वृत्तपत्र: दै. केसरी
२६-०७-१९६९
शीर्षक: आत्मानुभवी संत: न्यायरत्न डॉ. विनोद
वृत्तपत्र: संध्याकाळ
१२-०१-१९७०
शीर्षक: विश्व-मानव: महर्षी धुंडिराज विनोद
लेखक: श्री. नारायण कुपेकर
वृत्तपत्र: दै. इंद्रधनुष (कोल्हापूर)
१०-१-१९७१
शीर्षक: गुरूदेवांमुळे लाभ कोणता झाला?
लेखक: श्री. न.प.ठोसर
वृत्तपत्र: नवा काळ
१५-०१-१९७१
शीर्षक: महाराष्ट्रासाठी जीवित वाहिलेला देवदूत- गुरूदेव धुंडिराजशास्त्री विनोद
लेखक: चिपळूणकरगुरुजी
दैनिक: मराठा
०९-०५-१९७१
शीर्षक: कोकणातील साक्षात्कारी संत: महर्षी धुंडिराज विनोद
लेखक: भालचंद्र आकलेकर
दैनिक: नवा काळ
१५-०७-१९७३
शीर्षक: महर्षी विनोदांचा ‘वाग्यज्ञ वंदे महापुरुष ते चरणारविंदम’
लेखिका: सुनंदा देवस्थळी
वृत्तपत्र: लोकसत्ता
१३ जुलै १९७४
शीर्षक: विसाव्या शतकातील महर्षी व्यास
लेखिका: सुनंदा देवस्थळी
वृत्तपत्र:
१२-०१-१९७५
शीर्षक: दुःखितांच्या भावविश्वाशी समरस होणारा महानुभाव: महर्षी विनोद
लेखिका: सौ. कमलिनी दामले
वृत्तपत्र: लोकसत्ता
२३-०७-१९७५
शीर्षक: न्यायरत्न महर्षी विनोदकृत गुरु-शिष्य संबंधीचे विवरण
लेखक: ग.प.पाटणकर
वृत्तपत्र: नवा काळ
२३-०७-१९७५
शीर्षक: न्यायरत्न विनोद एका समाजमनस्क तत्वज्ञाचे पुण्यस्मरण
लेखिका: सुनंदा देवस्थळी
वृत्तपत्र: नवशक्ती
११-०७-१९७६
शीर्षक: प्रत्येकाच्या प्रयत्नांचे अंतिम उद्दिष्ट: "शांति"
लेखिका: सुमन महादेवकर
वृत्तपत्र: लोकसत्ता

आमचा पत्ता

Dr. Samprasad and Dr. Mrs. Rujuta Vinod Shanti-Mandir, 2100, Sadashiv Peth, Vijayanagar Col. Behind S. P. college Pune - 411030 

दूरध्वनी क्रमांक

+91-20-24338120

+91-20-24330661

Dr. Samprasad Vinod - 09373686537

Dr. Mrs. Rujuta Vinod - 09371934520

Copyright 2019. Maharshi Nyaya-Ratna Vinod by Web Wide It

Search